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सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी उलझती ही जा रही है. इस केस में हर दिन कुछ न कुछ नया मोड़ देखने को मिल रहा है. और राजनीति तो चरम पर चल ही रही है. यही वजह है कि नेताओं के बेतुके बयान भी अब सामने आने लगे हैं. बयानबाजी में पत्रकार राजदीप सरदेसाई भी पीछे नहीं रहे.

दरअसल, सुशांत सिंह राजपूत मामले में चल रही जांच को लेकर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कहा है कि सुशांत सिंह इतने बड़े स्टार नहीं थे कि पुलिस पर जांच के लिए दबाव बने. राजदीप सरदेसाई द्वारा कही इस बात पर कंगना रनौत की टीम ने नाराजगी जाहिर की और पूछा है कि सुशांत सिंह बड़े स्टार नहीं थे, महत्वपूर्ण नहीं थे, तो फिर कौन बड़ा और मत्वपूर्ण है?

कंगना रनौत टीम ने ट्वीट किया- तुम्हे शर्म आनी चाहिए राजदीप सरदेसाई. सुशांत सिंह बड़े स्टार नहीं थे, तो फिर कौन बड़ा है? वरुण धवन, रणबीर कपूर या सोनम कपूर? कंगना की टीम ने राजदीप से आगे पूछा कि कृपया इसका जवाब दें कि किसका जीवन तथाकथित दबाव के योग्य है?

कंगना के उठाए इन सवालों पर फिर राजदीप सरदेसाई ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. राजदीप ने कंगना की टीम को टैग करते हुए लिखा कि बकवास मत करो. पूरे शो को देखें न कि एक क्लिप. सुशांत न्याय के हकदार हैं जैसा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को है. लेकिन मीडिया सर्कस और चरित्र हत्या का वह हकदार नहीं हैं. वह लोगों से प्यार करता था और उनपर भरोसा करता था.

सीबीआई

दरअसल, एक कार्यक्रम में सवालों का जवाब देते हुए राजदीप सरदेसाई ने कहा था कि मुंबई में पुलिस कमिश्नर हों या बिहार में डीजीपी हों, इन सबपर सवाल उठ रहे हैं. आप किस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं. किसके इशारों पर करते हैं. क्या ये वाकई अब स्वतंत्र कार्रवाई कर पाते हैं? ईमानदारी से कहा जाए तो सुशांत सिंह इतने बड़े स्टार नहीं थे कि इतना दबाव आना चाहिए पुलिस पर. अगर इतना दबाव आया है तो क्यों आया है?

एनसीपी मुखिया शरद पवार

सुशांत सिंह राजपूत मामले में एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा कि मैंने महाराष्ट्र और मुंबई पुलिस को 50 साल से देखा है. दूसरों ने उनपर क्या आरोप लगाए है, मैं उसपर कुछ नहीं कहूंगा. अगर किसी को लगता है कि सीबीआई या कोई और जांच महत्वपूर्ण है तो मैं इसका विरोध नहीं करूंगा.

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पवार ने आगे कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली और उसकी मृत्यु हो गई, लेकिन इसकी इतनी चर्चा क्यों हो रही है? मुझे नहीं लगता कि यह इतना बड़ा मुद्दा है. एक किसान ने मुझे बताया कि 20 से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं, लेकिन किसी ने किसानों की खुदकुशी की चर्चा नहीं की.

शरद पवार से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता माजिद मेमन ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले पर कहा है कि सुशांत ज़िंदा रहने पर उतने प्रसिद्ध नहीं थे, जितना कि मरने के बाद हो गए हैं.

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दरअसल, महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार को सुशांत केस में घिरता देख अब वहां के नेता विवादित बयान देने पर उतर आए हैं. एनसीपी नेता माजिद ने ट्वीट करते हुए लिखा कि सुशांत जिंदगी में कभी उतने फेमस नहीं थे, जितना वो मौत के बाद हुए. इस समय मीडिया उनको पीएम मोदी और ट्रंप से ज्यादा स्पेस दे रही है. अपने इस ट्वीट के बाद वो सुशांत के फैन्स के निशाने पर आ गए.

एक यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि सिर्फ फेमस लोगों को ही न्याय मिलना चाहिए? इससे इनकी मानसिकता पता चलती है कि ये केस को दबाना चाहते हैं. और आप जैसे लोगों की राजनीति अब ज़्यादा दिन नहीं चलने वाली है.

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