Contact Information

Theodore Lowe, Ap #867-859
Sit Rd, Azusa New York

We Are Available 24/ 7. Call Now.

बॉलीवुड में खान परिवार और गैलेक्सी अपार्टमेंट का क्या दबदबा है. ये बात किसी से छुपी नहीं है. इंडस्ट्री में खान और सुपरस्टार का मतलब अब सिर्फ सलमान खान के ही इर्दगिर्द घूमता दिखाई दे रहा है. इसकी वजह दबंग खान की झन्नाटेदार फैन फॉलोइंग है. अब आते हैं मुद्दे की बात पर.

और वो ये है कि आज हम आपको खान परिवार से जुड़े कुछ दिलचस्प सुनाने जा रहे हैं. जिसे सुनकर आप भी लोटपोट हो जायेंगे।

पहला किस्सा-

अरबाज खान पहले सिंगर बनना चाहते थे, लेकिन सलीम खान चाहते थे कि वो क्रिकेट खेलें

अरबाज खान अपने करियर को लेकर परेशान थे. वो क्रिकेटर और सिंगर में से कुछ बनना चाहते थे. एक दिन सलीम साहब ने सुना कि जो टीचर अरबाज को गाना सिखाने आता है, वो नाक से गाता है. और उसकी देखा-देखी अरबाज भी वैसे ही गाते. इसके बाद वो मास्टर कहता कि नाक से मत गाओ. अरबाज परेशान हो गए. पापा के पास जाकर पूछा कि उन्हें क्या करना चाहिए, क्रिकेट खेलना चाहिए या सिंगर बनना चाहिए.

हेल्लो ब्रदर

इस पर सलीम साहब ने कहा- ‘बेटा तुम क्रिकेट खेलो’. एक्साइटेड होते हुए अरबाज ने पूछा, ‘क्या आपने मुझे बैटिंग करते हुए देखा है?’ सलीम साहब ने जवाब दिया- ‘नहीं, मैंने तुम्हें गाते हुए सुना है.’

 

अब दूसरा किस्सा-

कौन था वो आदमी, जिसे घर में सलमान खान के पापा से भी ज़्यादा इज़्ज़त मिलती थी?

किस्सों की झोली से एक और किस्सा निकालते हुए सलीम साहब ने एक इंटरव्यू में बताया कि कैसे एक बाहरी आदमी को उनके ही घर में उनसे भी ज़्यादा इज़्ज़त मिलती थी. उस आदमी का नाम था गणेश. जैसे ही वो आता, उनके तीनों बेटे उसकी सेवा-सत्कार में लग जाते. कोई चाय दे रहा है. कोई नाश्ता करवा रहा है.

हेल्लो ब्रदर

इतना सब होता देख सलीम साहब ने ये पता लगाना शुरू किया कि ये आदमी है कौन! फिर उन्हें पता चला कि जैसे ही स्कूल का कोई पेपर लीक होता, गणेश उसे लाकर उनके बेटों सलमान, सोहेल और अरबाज को दे देता था. जिसकी बदौलत वो इग्जाम पास करते थे.

 

तीसरा किस्सा-
‘हेल्लो ब्रदर’ क्यों फ्लॉप हुई जानिए सलीम खान से?

1999 में एक फिल्म आई थी ‘हेल्लो ब्रदर’. ये खान परिवार की होम प्रोडक्शन थी. इसे सोहेल खान ने प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया था. और काम किया था सलमान खान के साथ अरबाज खान और रानी मुखर्जी ने. ये फिल्म बहुत बुरी तरह से फ्लॉप हुई थी. इस फिल्म के बारे में सलीम खान का ये कहना था कि फिल्म में सलमान खान और अरबाज खान के किरदारों की अदला-बदली होनी चाहिए थी.

हेल्लो ब्रदर

क्योंकि सलमान का किरदार इंटरवल के आसपास ही मर जाता है. आधी फिल्म में ही हीरो मर गया, तो कोई फिल्म क्यों देखेगा. अगर सलमान की जगह अरबाज का किरदार मर जाता, तो जनता को ज़्यादा बुरा नहीं लगता. और शायद फिल्म चल भी जाती. ये बात उन्होंने सलमान और अरबाज के सामने ही कही.

अब अब चौथे किस्से की-

बड़ा एक्टर और डायरेक्टर घर में होते हुए भी कभी बाप को काम क्यों नहीं मिला?

सलीम खान बॉम्बे हीरो बनने ही आए थे. लेकिन कुछ ऐसी घटनाएं हो गईं कि सलीम खान को पता चल गया कि एक्टिंग इतना आसान काम भी नहीं है. इसके बाद वो हीरो बनने का ख्वाब भूलाकर फिल्म लेखन में आ गए. वो क्या घटनाएं थी, सलीम साहब ने एक इंटरव्यू इसका ज़िक्र किया. सलीम खान बताते हैं कि एक फिल्म में उन्हें विलेन का रोल मिला था, जिसमें उन्हें सिर्फ हलक सूखने की एक्टिंग करनी थी.

जब डायरेक्टर आता इनसे पूछता कि सीन में क्या करेगा? तो ये वो कर के दिखा देते. कई बार प्रयास करने के बाद वो इन्हें रट गया. लेकिन शूट होते-होते लंच टाइम हो गया और सब खाना खाने चले गए. लौटने के साथ ही वो सीन शूट होना था. अब डायरेक्टर कैमरा लगाकर बैठा है कि एक्टर एक्टिंग करे, तो वो शूट करें.

सोहेल खान

लेकिन सलीम खान से अब वो चीज़ हो ही नहीं पा रही. इसके बाद उनके मुंह में पानी रखकर ये करवाने की कोशिश की गई, तो वो उनके मुंह से बाहर निकल गया. इसके बाद डायरेक्टर महेश कौल उनके पास आए और कहा कि उन्होंने अपने करियर में ऐसा एक्टर नहीं देखा, जिसे थूक घोंटकर गला सूखने की एक्टिंग करनी भी नहीं आती हो.

इसके बाद दूसरा हादसा ये हुआ कि सलीम साहब को जूता पहनकर सोना पड़ा

दरअसल, हुआ ये कि एक सीन के लिए उन्हें जूता पहनना था. लेकिन प्रोडक्शन से जो जूता आया, वो सलीम साहब के साइज़ से दो नंबर छोटा था. शूटिंग करने के लिए उन्हें वही पहना दिया गया. शूट वगैरह हो गया. पैकअप के बाद सब लोग अपने-अपने घर जाने लगे और लेकिन इनका जूता ही न निकले. सेट पर मौजूद लोगों से भी मदद मांगी।लेकिन कोई फायदा नहीं. वो जूता पांव से निकल ही नहीं रहा था और उसे पहनकर चलना भी दूभर था.

सोहेल खान

जैसे-तैसे वही पहनकर सलीम खान अपने घर पहुंचे. घरवालों ने भी कई कोशिशें की लेकिन सब नाकाम. बहुत देर तक टाइट जूता पहनने की वजह से सलीम साहब का खून जाम हो गया. फिल्ममेकर की प्रॉपर्टी थी.इसलिए उसे काट-छांट भी नहीं सकते थे. थक-हारकर उन्हें वो जूता पहनकर ही सोना पड़ा और पांव हवा में रखना पड़ा ताकि ब्लड सर्कुलेशन कायदे से हो. इन्हीं घटनाओं के बाद सलीम खान ने डिसाइड किया कि उन्हें एक्टिंग नहीं करनी. इसलिए उनके बेटों ने भी कभी उन्हें रोल ऑफर नहीं किया.

ये किस्से वाकई में बेहद यादगार हैं…

Share:

administrator