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भारत-पाकिस्तान के आपसी संबंध जगजाहिर हैं। वो चाहे आंतरिक सम्बन्ध हों. या बाहरी। पाकिस्तान की नीतियों पर बात की जाए तो वो देशहित में न होकर हिंदुस्तान के विरोध पर ज्यादा आधारित रहती हैं. यही वजह भारत को नीचा दिखाने की नाकामयाब कोशिश में लगा पाकिस्तान लगातार गर्त में जाता दिखाई दे रहा है. वो चाहे बद-से-बदतर होती आर्थिक स्थिति हो. या वैश्विक पटल पर खिसकती साख.

खैर. इन सबके बीच पाकिस्तान से एक ऐसी खबर आई है. जो इन दिनों सुर्खियां बन रही है.

दरअसल, पाकिस्तान की वायु सेना के इतिहास में पहली बार एक हिंदू पायलट का चयन हुआ है. इस हिंदू युवक का नाम राहुल देव है और वह पाकिस्तानी एयर फोर्स में जनरल ड्यूटी पायलट का पद संभालेंगे.

rahul dev

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, राहुल देव सिंध प्रांत के सबसे बड़े जिले थारपरकर से आते हैं. थारपरकर में हिंदू समुदाय के लोग बड़ी तादाद में रहते हैं. ऑल पाकिस्तान हिंदू पंचायत के सचिव रवि दवानी ने राहुल देव के पाकिस्तानी वायु सेना में पायलट के पद पर चयन होने को लेकर खुशी जताई.

उन्होंने कहा- “अल्पसंख्यक समुदाय के कई लोग पाकिस्तानी आर्मी और सिविल सर्विसेज में पहले से ही सेवा दे रहे हैं.”

पाकिस्तान में कई डॉक्टर्स भी हिंदू समुदाय से हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार अल्पसंख्यकों पर ध्यान देती है, तो आने वाले दिनों में कई राहुल देव देश की सेवा के लिए तैयार मिलेंगे.

सोशल मीडिया पर भी राहुल देव की खूब चर्चा और प्रशंसा हो रही है. सिंध प्रांत के एक पिछड़े इलाके से होने के बावूजद राहुल ने पाकिस्तानी एयर फोर्स में जीडीपी (जनरल ड्यूटी पायलट) जैसी बड़ी पोस्ट हासिल कर ली. सोशल मीडिया यूजर्स राहुल देव की उपलब्धि को असाधारण करार दे रहे हैं.

वहीं अगर थारपरकर जिले की बात करें तो मानव विकास सूचकांक पूरे सिंध प्रांत में सबसे खराब है. मूलभूत ढांचा, स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा व्यवस्था का हाल बेहाल है. पिछले कुछ सालों में जिले की स्थिति खाद्यान्न और जल संकट ने और खराब कर दी. इन सारी चुनौतियों के बावजूद, राहुल देव ने अपने जैसे कई लोगों के लिए एक मिसाल कायम कर दी है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 2018 के चुनाव के वक्त ने ऐलान किया था कि वह अल्पसंख्यकों के नागरिक, सामाजिक और धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा करेंगे.

हालांकि, इमरान खान के सत्ता में आने के बाद भी कुछ बदला नहीं. पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को वो अधिकार और सम्मान हासिल नहीं हुआ, जो उन्हें मिलना चाहिए था. हाल ही में, अल्पसंख्यक समुदाय ने सिंध प्रशासन पर धार्मिक आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया था. हिंदू और ईसाई समुदाय के लोगों ने शिकायत की थी कि उन्हें सिंध प्रशासन ने राशन और खाद्यान्न आपूर्ति करने से मना कर दिया.

rahul dev

 

बाकी आतंकी परस्त पाकिस्तान की सच्चाई कौन नहीं जानता है. जहां अमन-शांति के बदले बमबारी को तवज्जों दी जाती हों.

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