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देश सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है. हर तरफ डर का माहौल है. कोरोना महामारी के चलते देश में दहशत है. अब ये वायरस मज़दूरों के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है. दूसरे राज्यों से मीलों का सफर तय करने के बाद जब मज़दूर अपने गांव पहुंचे तो उनके सामने नई मुश्किलें खड़ी हैं.

…लेकिन अब करें क्या?

दरअसल, कोरोना महामारी में मजदूरों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है. वे पैदल चल रहे हैं. उनके पैरों में छाले पड़ गए हैं. बहुत से मजदूर रेल की पटरियों के किनारे चल रहे हैं, ना जाने ऐसी कितनी तस्वीरों ने हमें विचलित किया है.

अब एक तस्वीर प्रवासी मजदूरों की मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बने कोटा नाका से आई है. जहां पर प्रवासी मजदूरों और उनके परिवार को शौचालय में ठहराया गया है.

कोरोना महामारी

कोटा नाका के नाम से पहचाने जाने वाली ये जगह मध्य प्रदेश के शिवपुरी और राजस्थान के बांरा जिले की सीमा को जोड़ती है. प्रवासी मजदूरों को यहां पर बने शौचालय में ठहराया गया है. और यहीं पर ये लोग खाना बनाने और खाने-पीने के लिए मजबूर हैं. सरकार की तरफ से खाना मिल रहा है. लेकिन खराब खाने की शिकायत बार-बार की जा रही है.

मजदूर महिलाओं का कहना है कि हम लोगों को शौचालय में ठहराया गया है. हम जयपुर से यहां आए हैं. बेलदारी का काम करते थे. यहां खाना तो मिला है, लेकिन रोटियां कच्ची मिल रही हैं. ऐसे में तबीयत खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है. यहां आस-पास कोई डॉक्टर तक नहीं है. अब गांव में ही खेती करके गुजारा करेंगे. कोरोना खत्म होने के बाद भी वापस नहीं आएंगे.

कोरोना महामारी

राज्य से बाहर जाने वाले प्रवासी मजदूरों को पहले मध्य प्रदेश की सीमा तक वाहनों से छोड़ा गया. राजस्थान के जयपुर के नाके पर करीब ढाई सौ मजदूरों को छोड़ा गया है. यहां से इन मजदूरों को बसों में बैठाकर अपने घर छोड़ने की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की है.

इस पूरे मामले पर जिले के अपर कलेक्टर का कहना है कि हमने प्रवासी मजदूरों के ठहरने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की है और जहां तक शौचालय में रुकने की बात है, हम इसकी जांच करेंगे और जिसकी भी लापरवाही होगी उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.

…और बस यहीं कलेक्टर साहब की बात ख़तम हो जाती है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर इन मज़दूरों की ख़राब खाने के चलते हालत बिगड़ती है, तो इसका ज़िम्मेदार कौन होगा?

हो कुछ भी लेकिन इस लॉकडाउन में मज़दूरों की ज़िन्दगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है. और ये बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए.

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