Contact Information

Theodore Lowe, Ap #867-859
Sit Rd, Azusa New York

We Are Available 24/ 7. Call Now.

अदाकारी ऐसी कि दिल में उतर जाए. डायलॉग ऐसा कि कान में गूंजने लग जाए. आंखों में सच्चाई ऐसी कि मानों बताया वही जा रहा है, जो देखा गया है. और आखिर में वो ‘आवाज़’ जिसके ठहराव को समझने में बड़े से बड़े रंगमंच के कलाकार कुर्सी छोड़ खड़े हो जाएं… ताली बजाने के लिए.

लेकिन अब ये सब नहीं होने वाला. क्योंकि वो चला गया है. कहीं और. कहीं और अदाकारी दिखाने. कहीं और लोगों का प्यार पाने. और कहीं और अपनी छाप छोड़ने.

मतलब…

कहानी ख़त्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई,
कि लोग रोने लगे तालियां बजाते हुए.

irrfan khan

अपनी अदाकारी से हर किसी के दिल पर राज करने वाले फिल्म अभिनेता इरफान खान का निधन हो गया. मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में इरफान खान ने 54 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. इरफान काफी लंबे वक्त से बीमार थे और बीते दिनों ही उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था.

साल 2018 में ही उन्होंने दुनिया को कैंसर के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन दो साल बाद ये जिंदगी से जारी इस जंग को इरफान हार गए. दिग्गज कलाकार के जाने से बॉलीवुड में शोक का माहौल है.

अस्पताल के बयान के मुताबिक, इरफान खान पेट की समस्या से जूझ रहे थे, उन्हें Colon infection हुआ था. फिल्म डायरेक्टर शूजीत सरकार ने इरफान खान के निधन की जानकारी सबसे पहले दी, उसके बाद अस्पताल की ओर से बयान जारी किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इरफान खान के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है.

शूजीत सरकार ने ट्वीट कर लिखा- मेरा प्यारा दोस्त इरफान. तुम लड़े और लड़े और लड़े. मुझे तुम पर हमेशा गर्व रहेगा. हम दोबारा मिलेंगे. सुतापा और बाबिल को मेरी संवेदनाएं. तुमने भी लड़ाई लड़ी. सुतापा इस लड़ाई में जो तुम दे सकती थीं तुमने सब दिया. ओम शांति. इरफान खान को सलाम.

शूजीत सरकार

पद्म श्री सम्मान से नवाजे जा चुके इरफान खान का जन्म 7 जनवरी, 1967 को हुआ था. राजस्थान के टोंक जिले में मुस्लिम परिवार में पैदा हुए इरफान खान ने अपने टैलेंट के दम पर दुनिया में नाम रोशन किया. करीब 30 साल के करियर में उन्होंने 50 से अधिक फिल्मों में काम किया, ब्रिटिश और अमेरिकी फिल्मों में भी योगदान दिया. इरफान ने 1995 में सुतापा से शादी की थी, जो कि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में उनके साथ थीं. इरफान के दो बेटे हैं.

इरफान खान के निधन के बाद अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, परेश रावल समेत बॉलीवुड के दिग्गजों ने श्रद्धांजलि दी. वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत अन्य नेताओं ने भी उन्हें नमन किया.

‘तब ट्वीट कर बताया था’

इरफान ने 16 मार्च 2018 को ट्वीट कर अपनी बीमारी के बारे में बताया था. इस ट्वीट के बाद बॉलीवुड में हलचल मच गई थी. उन्होंने लिखा था-

शूजीत सरकार

“जिंदगी में अचानक कुछ ऐसा हो जाता है. जो आपको आगे लेकर जाता है. मेरी जिंदगी के पिछले कुछ दिन ऐसे ही रहे हैं. मुझे न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी हुई है. लेकिन मेरे आसपास मौजूद लोगों के प्यार और ताकत ने मुझमें उम्मीद जगाई है.”

बीमारी का इलाज कराने वे लंदन गए थे. यहां से भी वे अपने फैंस को अपडेट देते रहते थे. इलाज के तीन महीने बाद उन्होंने ट्वीट कर बीमारी से जंग को लेकर बताया था-

शूजीत सरकार

“जब मुझे अपनी बीमारी का नाम पता चला neuroendocrine cancer, ये मेरी डिक्शनरी में नया शब्द था. इस बीमारी के रेयर होने की वजह से मैं इस पर स्टडी कर रहा था. मैं बस ट्रायल और एरर गेम का पार्ट बन चुका था. मैं तेजी से जिंदगी में अपने सपनों के साथ तेज रफ्तार ट्रेन से सफर कर रहा था. तभी किसी ने मुझे पीछे से नॉक किया और कहा, आपका स्टेशन आने वाला है.”

बेइंतहा दर्द से गुजरे इरफान

शूजीत सरकार

इरफान के मुताबिक,

‘बीमारी की इस सूचना ने मुझे हिलाकर रख द‍िया, मैं सभी चीजों पर अपना कंट्रोल करना चाहता था. मैं बस उम्मीद कर रहा था कि मुझे किसी गंभीर समस्या से गुजरना नहीं पड़े. मैं बस अपने पैरों पर खड़ा हो जाना चाहता था. डर और दर्द मुझ पर हावी नहीं हो सकते. लेकिन इन सारी सकारात्मक बातों के बीच जब आपका दर्द बढ़ता है तब कोई मोटिवेशन काम नहीं आता. किसी भी तरह की सहानुभूत‍ि बेकार होती है. बस होता है तो दर्द, वो दर्द इतना तेज होता है कि पलभर के लिए वो आपको खुदा से बड़ा लगने लगता है.”

उन्होंने आगे लिखा-

“जब मैं पहली बार दर्द के साथ अस्पताल (लंदन के) में गया, मुझे लंबे वक्त तक इस बात का एहसास तक नहीं हुआ कि मेरे बचपन का सपना लॉर्ड्स स्टेड‍ियम मेरे अस्पताल के पास बना है. जब मैं अस्पताल की बालकनी पर खड़ा होता था तो एक तरफ स्टेड‍ियम में लगी क्रिकेटर विवयन र‍िचर्ड्स की मुस्कुराती तस्वीर देखता. एक तरफ मेरा अस्पताल था, दूसरी तरफ स्टेड‍ियम. इस बीच एक सड़क थी जो मुझे जिंदगी और मौत के बीच का रास्ता जैसा लग रही थी.”

शूजीत सरकार

“अस्पताल में मेरे कमरे के पास ही कोमा वॉर्ड बना हुआ था. लेकिन ये सारी चीजें मुझे बस ये एहसास करा रहीं थी कि जिंदगी में अन‍िश्च‍ितता ही न‍िश्च‍ित है. मुझे पहली बार असल मायने में एहसास हुआ कि आजादी का मतलब क्या है?”

बता दें साल 1998 में फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ से करियर शुरू करने वाले इस एक्टर के बारे में किसी ने नहीं सोचा था कि वो हॉलीवुड तक को अपनी एक्टिंग का दीवाना बना देगा. हॉलीवुड में उन्होंने माइटी हार्ट और जुरासिक पार्क जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में काम किया. और ज़ोरदार काम किया।

शूजीत सरकार

वाक़ई में ऐसे उम्दा कलाकार बहुत बिरले ही इंडस्ट्री को मिले हैं.

सलाम इरफ़ान।

 

Share:

administrator