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दंतेवाड़ा में डीआरजी दंतेश्वरी फाइटर्स की जांबाज महिला कमांडो हैं सुनैना पटेल. आज ये नाम महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी मिसाल बन चुका है. काम का इतना जुनून है कि नक्सलियों से लोहा लेने बेखौफ होकर टीम के साथ जंगलों में निकल पड़ती हैं. गर्भवती होने के बाद भी सुनैना के कदम पीछे नहीं हटे.

अगर हम आपसे कहें कि गर्भवती महिला एके 47 हाथ में लिए, सामान से भरा करीब 15 से 20 किलो का बैग कंधों पर लटकाकर नक्सलियों से लोहा लेने जंगलों में निकलती है, तो शायद आपको यकीन नहीं होगा.

लेकिन अब करना पड़ेगा.

और उस महिला कमांडो का नाम है सुनैना पटेल.

सुनैना पटेल

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात कमांडो सुनैना पटेल की कहानी इस साल इंटरनेशनल वूमेंस डे पर इंटरनेट पर छाई हुई थी. इसकी वजह थी गर्भवती होते हुए भी मोर्चे पर उनका डटे रहना.

छत्तीसगढ़ की ‘सुपर वुमन’ सुनैना पटेल ने नक्सलियों से लड़ने के लिए दंतेश्वरी फाइटर की टीम लीडर के तौर पर तब ज्वाइन किया था. जब वह दो महीने की गर्भवती थीं. इसके बाद से वह मोर्चे पर लगातार डटी रहीं. अधिकारियों के कहने पर भी गर्भ के दौरान छुट्टी नहीं ली. एके-47 व अन्य हथियारों और 10 किलो का बैग पीठ पर लादकर पेट्रोलिंग करती रहीं.

अब सुनैना ने एक बच्ची को जन्म दिया है. जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. इसके साथ ही उसने बेटी के साथ सुनैना की तस्वीर भी शेयर की हैं.

सुनैना पटेल

दंतेवाड़ा के एसपी के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान एक बार सुनैना का गर्भ गिर चुका था. बावजूद इसके उन्होंने अपने कर्त्तव्य से पैर पीछे नहीं खींचे. हर किसी को उसकी और उसके बच्चे की चिंता थी. उन्होंने बताया कि सुनैना का हौसला अन्य महिलाओं को भी नक्सल विरोधी फोर्स ज्वाइन करने की प्रेरणा देगा.

सुनैना के बेटी को जन्म देने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया में कई लोगों ने मॉं-बेटी के स्वास्थ्य की कामना करते हुए बधाई दी है. कहा है कि उनकी कहानी युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगी और महिलाओं को राष्ट्र विरोधी ताकतों के खिलाफ मोर्चा लेने के लिए फोर्सेस ज्वाइन करने को प्रेरित करेगी.

बता दें कि मई 2019 में महिला पुलिसकर्मी और सरेंडर नक्सलियों को मिलाकर महिला डीआरजी की टीम गठित की गई थी. इसमें महिला पुलिसकर्मी सुनैना भी शामिल हैं. दंतेवाड़ा प्रदेश का इकलौता ज़िला है. जहां महिला डीआरजी की टीम भी है, जो नक्सल ऑपरेशन के लिए जंगलों में जाती है. इस टीम में शामिल होने के करीब महीने भर बाद सुनैना गर्भवती हो गई थीं. सुनैना ने अपने गर्भवती होने की जानकारी साढ़े 6 महीने तक अधिकारियों को नहीं दी. लेकिन जब पता चला तो उन्हें तुरंत ऑपरेशन पर भेजना बंद कर दिया था.

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